कर अपनो से बात, क्यों है तू तन्हा सा
कर खुद पर भरोसा, क्यों है तू सहमा सा
तेज़ कर अपनी रफ्तार, क्यों है तू ठहरा सा
रख आत्म विशवास, क्यों है तू बहका सा
बुलन्द कर अपनी आवाज़, क्यों है तू चुपचाप सा
नही है तू कम किसी से, ऊपरवाले की अदभुत देन है तू,
खुल के जी ले तू अपनी जिंदगी, क्यूं…
Read more Poet
अकेला
Prateek Saraf



